Thursday, November 18, 2010

श्रदाँजलि















(1933-2010)

हमारे बहुत ही प्रिय , आदरणीय तथा मार्गदर्शक श्री महावीर शर्मा जी अब हमारे बीच नहीं रहे । शायर और लेखक महावीर शर्मा जी से सारा ब्लाग जगत वाकिफ़ है। आज ही ये दुखद समाचार हमें मिला है। प्रमात्मा इस बिछड़ी हुई आत्मा को शांति दे। हम इस अज़ीम शायर को श्रदाँजलि देते हैं।

23 comments:

वीना said...

श्रद्धांजलि

http://veenakesur.blogspot.com/

मोहिन्दर कुमार said...

बहुत ही दुखद समाचार है....
ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें व परिजनों को यह अपूर्णीय क्षति वहन करने की शक्ति प्रदान करे.

इस्मत ज़ैदी said...

ये एक ऐसा नुक़सान है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता
अल्लाह उन की रूह को सुकून और उन के अपनों को सब्र अता करे (आमीन)

दिगम्बर नासवा said...

ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें ...

seema gupta said...

बेहद दुखद , दिवंगत महावीर जी की आत्मा को इश्वर शांति प्रदान करे और उनके परिवार को इस दुःख को सहने का हौंसला.

रंजन गोरखपुरी said...

आज हिंदी-उर्दू साहित्य ने एक अनमोल हीरा खो दिया है! इश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे!

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

हे भगवान ! क्यों छीन लिया आपने आदरणीय महावीर जी को हमसे ?
मेरे प्रति उनका जो स्नेह और प्यार और अपनत्व और विश्वास था … अब कहां मिलेगा ? 20 वर्ष पहले अपने पिता को खो देने जैसा ही दुःख हो रहा है मुझे
अभी 20 अप्रैल 2010 को उनके जन्मदिवस पर मैंने उन्हें निम्नांकित शुभकामना संदेश भेजा था …

घर के ही बुजुर्ग जैसे , ऐसा अपनत्व !
व्यक्तित्व भी कृतित्व भी आदर्श-अभिराम है !
वीतराग शांत सौम्य ; गतिमान अक्षहंत
मारुति के सदृश ही महावीर नाम है !
ब्लॉग-बगिया के हे विराट वट वृक्ष !
मेरा आपको नमन कोटि , सहस्र प्रणाम है !
स्वस्थ हों , शतायु - दीर्घायु हों , चिरायु हों ,
हे दादाभाई ! जन्म दिन पर रामराम है !


नहीं मा'लूम था कि इतनी जल्दी उनके आशीर्वाद से भी वंचित हो जाऊंगा …
आज अंतिम प्रणाम कहते हुए आंखें आंसुओं से भीगी हुई हैं …

ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति और उनके परिवारजनों और चाहने वालों को यह दुःख सहने की सामर्थ्य प्रदान करे …

- राजेन्द्र स्वर्णकार

Dr.Ajmal Khan said...

बहुत ही दुखद समाचार है, हमने इक बेह्तरीन शायर और माहिर उस्ताद को खो दिया ,परन्तु ये विधि का विधान है, जो आया है इक न इक दिन सब को जाना है.ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें, और उनके परिवार को और हम सब को यह अपूर्णीय क्षति वहन करने की शक्ति प्रदान करे.

muflis said...

सम्माननीय महावीर जी
हम सब को छोड़ कर स्वर्ग सिधार गए हैं,,
कल सायं जब ये समाचार मिला
तो मन को बहुत गहरी ठेस पहुंची
एक बहुत ही नेक ,
संयमी और बुद्धिमान व्यक्तित्व के स्वामी
महावीरजी हमेशा हमेशा
हम सब के दिलों में बसे रहेंगे
मेरी विनम्र श्रद्धान्जली .

रचना दीक्षित said...

ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें

संजय भास्कर said...

बेहद दुखद ,
मेरी विनम्र श्रद्धान्जली .

"अर्श" said...

कल शाम से ही आहत हूँ इस अपूरनिया क्षति के लिए ब्लॉग में या ब्लॉग के बाहर साहित्य का स्तम्भ थे वो ! मेरा सौभाग्य है कि उनका प्यार और आशीर्वाद मुझे मिला है ! भगवान उनकी आत्मा को शान्ति दे !

अर्श

navneet sharma said...

आदरणीय श्री महावीर शर्मा जी को आदरांजलि। वह कई शब्‍दकर्मियों के लिए प्रेरणा के स्रोत थे और रहेंगे भी। उन्‍हें शत शत नमन्। भगवान उनकी आत्‍मा को शांति दे।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

विनम्र श्रद्धांजली

dwij said...

विश्वास करना कठिन है कि आदरणीय महावीर शर्मा जी अब हमारे बीच नहीं रहे.उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी. पुण्य-आत्मा को भाव-भीनी श्रद्धांजलि.

ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι said...

हम अदीबों के लिये बहुत ही दुखद समाचार है,मैं अपनी तरफ़ से और दुर्ग भिलाई के समस्त साहित्यकारों कि तरफ़ से उन्हें श्रधा सुमन अर्पित करता हूं।

अमित शर्मा said...

ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें ...

तिलक राज कपूर said...

मेरे लिये आदरणीय महावीर शर्मा जी का देहावसान व्‍यक्तिगत क्षति है। ईश्‍वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्‍मा को स्‍वर्ग में स्‍थान दे।

अर्चना तिवारी said...

दुखद समाचार...भावभीनी श्रद्धांजलि

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

बेहद दुखद समाचार और अपूरणीय क्षति ब्लाग-जगत के लिये....... ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें ......बस यही सोच रहा हूँ-
कौन जिन्दा है कब तलक जाने ।
मुंद जायेगी कब पलक जाने ।

चार दिन के जमीं पे हैं मेहमां,
फिर बुला लेगा कब फलक जाने ।

ज़िन्दगी एक घड़ा मिट्टी का,
फूट कर कब पड़े छलक जाने ।

मौत वो जाम है जिसे पीकर,
सूख जाता है कब हलक जाने ।

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

बहुत ही दुखद समाचार है, उनके परिजनों को यह अपूर्णीय क्षति वहन करने की शक्ति मिले ....

girish pankaj said...

blog k dvara main bhi is vibhooti se parichit hua thaa. durbhaag...ve nahi rahe. magar unki sahity-sevaa k bhoolana mushkil hai.unhe antim pranaam.

निर्मला कपिला said...

अदरणीय महावीर जी को विनम्र श्रद्धाँजली।