Friday, December 30, 2011

नये साल में













ले उड़े इस जहाँ से धुआँ और घुटन
इक हवा ज़ाफ़रानी नये साल में

नव वर्ष अभिनंदन-द्विजेन्द्र द्विज

ज़िन्दगी हो सुहानी नये साल में
दिल में हो शादमानी नये साल में

सब के आँगन में अबके महकने लगे
दिन को भी रात-रानी नये साल में

ले उड़े इस जहाँ से धुआँ और घुटन
इक हवा ज़ाफ़रानी नये साल में

इस जहाँ से मिटे हर निशाँ झूठ का
सच की हो पासबानी नये साल में

है दुआ अबके ख़ुद को न दोहरा सके
नफ़रतों की कहानी नये साल में

बह न पाए फिर इन्सानियत का लहू
हो यही मेहरबानी नये साल में

राजधानी में जितने हैं चिकने घड़े
काश हों पानी-पानी नये साल में

वक़्त! ठहरे हुए आँसुओं को भी तू
बख़्शना कुछ रवानी नये साल में

ख़ुशनुमा मरहलों से गुज़रती रहे
दोस्तों की कहानी नये साल में

हैं मुहब्बत के नग़्मे जो हारे हुए
दे उन्हें कामरानी नये साल में

अब के हर एक भूखे को रोटी मिले
और प्यासे को पानी नये साल में

काश खाने लगे ख़ौफ़ इन्सान से
ख़ौफ़ की हुक्मरानी नये साल में

देख तू भी कभी इस ज़मीं की तरफ़
ऐ नज़र आसमानी ! नये साल में

कोशिशें कर, दुआ कर कि ज़िन्दा रहे
द्विज ! तेरी हक़-बयानी नये साल में

7 comments:

काजल कुमार Kajal Kumar December 31, 2011 10:52 AM  

उम्मीद रखनी ही चाहिये नए साल में :)

सुलभ December 31, 2011 2:13 PM  

बहुत सुन्दर...!
आप सभी को शुभकामनाएं !!

इस्मत ज़ैदी January 1, 2012 10:34 PM  

है दुआ अबके ख़ुद को न दोहरा सके
नफ़रतों की कहानी नये साल में

बह न पाए फिर इन्सानियत का लहू
हो यही मेहरबानी नये साल में

अब के हर एक भूखे को रोटी मिले
और प्यासे को पानी नये साल में

बहुत ख़ूब !!
नया साल आप को भी बहुत बहुत मुबारक हो

avanti singh January 5, 2012 7:52 PM  

ho jaye puri aap ki har khwaahish naye saal me,likhe rojana ek nya geet,kalm aap ki,naye saal me.... sundar rachna ke liye bdhai sweekaren...

प्रतीक माहेश्वरी January 11, 2012 12:07 PM  

एक अच्छे और शांत नए साल की सबकी आशा को आपने शब्दों से कहा है.. नए साल की शुभकामनाएं आपको भी...

प्यार में फर्क पर अपने विचार ज़रूर दें...

शारदा अरोरा January 12, 2012 2:46 PM  

khoobsoorat duaon ke sath khoobsoorat si gazal ...

singhSDM January 20, 2012 5:24 PM  

ज़िन्दगी हो सुहानी नये साल में
दिल में हो शादमानी नये साल में

सब के आँगन में अबके महकने लगे
दिन को भी रात-रानी नये साल में

वाह क्या ख्याल है..... दिन में रात रानी क्या बेहतरीन बिम्ब है.....!!!!
ले उड़े इस जहाँ से धुआँ और घुटन
इक हवा ज़ाफ़रानी नये साल में

इस जहाँ से मिटे हर निशाँ झूठ का
सच की हो पासबानी नये साल में

बह न पाए फिर इन्सानियत का लहू
हो यही मेहरबानी नये साल में

काश आपकी बात सच साबित हो

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